Tag - सहस्त्रनाम विधान

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भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप जन्म-जरा-मरण रूपी नगर को नष्ट किया — आचार्य वर्धमान सागर जी : सहस्त्रनाम विधान की पूजा में भगवान के गुणों का वर्णन

सहस्त्रनाम मंडल विधान के दौरान आचार्य वर्धमान सागर जी ने बताया कि भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप तीन पुर — जन्म, जरा और मरण रूपी नगर को नष्ट किया है। पूजन...

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आचार्य वर्धमान सागर जी के सान्निध्य में सहस्त्र महा मंडल विधान का शुभारंभ : भगवान के 1008 गुणों का हुआ गुणानुवाद और पूजन, श्रावकों ने भावपूर्वक अर्पित किए अध्र्य

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल सान्निध्य में सहस्त्रनाम विधान का आरंभ हुआ, जिसमें भगवान के 1008 दिव्य गुणों का गुणानुवाद एवं अध्र्य समर्पण श्रद्धा के साथ...

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अर्थ और काम पुरुषार्थ धर्म नीति अंधकार करे: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कर्मों के प्रतिफल के संबंध में विस्तार से बताया 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी आदर्श नगर श्री पारसनाथ जिनालय में संघ सहित विराजित हैं। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान संघ सानिध्य में हो रहे हैं। प्रातःकाल श्री...

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