मुनि श्री 108 सर्वार्थ सागर जी महाराज को उनके विशिष्ट साहित्यिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित “विशुद्ध विद्यावारिधि” उपाधि प्रदान की गई है...
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वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टा धीश आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज के कर कमलों से किशनगढ़ रेनवाल के शशिकांत पाटनी की क्षुल्लकदीक्षा हुई थी और उन्हें क्षुल्लक...








