बेटा जब वैराग्य की ओर बढ़ जाता है तो प्रत्येक माता-पिता की इच्छा रहती है कि उसके कदम वापस न हों। यह उद्गार मुनिश्री संभवसागरजी महाराज ने सम्यक् दर्शन के 8 अंगों...
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आचार्य विशुद्धसागरजी के शिष्य मुनिश्री सारस्वत सागर जी, मुनिश्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुतसागरजी अब नांद्रे में विराजित है।...
साधुओं की शोभा साधनों से नहीं उनकी साधना से होती है, श्रावकों की शोभा भवनों से नहीं भावना से होती है। यह मंगल उद्बोधन मुनि श्री समतासागरजी महाराज ने दिए।...
दिगंबराचार्य की जन्म स्थली के स्कूल का नामकरण जैन संत आचार्य विद्यासागर के नाम करने बाबत सकल जैन समाज समिति कोटा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ज्ञापन दिया है।...








