राग और द्वेष से कर्म बंध होते हैं। इससे सुख का नाश होता है। संसार में जन्म मरण का परिभ्रमण होता रहता है। हमें जो भौतिक पदार्थ पुरुषार्थ से मिले हैं। वह वास्तव...
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आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य में मैनपुरी के मुनिश्री सहज सागरजी महाराज के जीवनवृत्त पर आधारित ग्रंथ ‘सहज पथगामी‘ का भव्य विमोचन उत्तर...








