Tag - शुद्धता_के_साथ_आध्यात्मिकता

समाचार

मन में कुछ और वचन में कुछ कहना मायाचारी है : तिर्यंच गति दुखों से भरी है, मायाचारी से बचो : आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने प्रवचन में मायाचारी और तिर्यंच गति के दुखों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन, वचन और क्रिया में स्पष्टता जरूरी...

You cannot copy content of this page