Tag - शांतिधारा विधान

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इंद्रध्वज महामंडल विधान का शुभारंभ, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रवचन में समझाया क्षमा और दश धर्म का महत्व : दशलक्षण महापर्व की शुरुआत, आचार्य श्री ने कहा – क्षमा आत्मा का स्वभाव है, पर्व देता है आत्मिक दीपावली का संदेश

  दशलक्षण महापर्व के प्रथम दिन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में इंद्रध्वज महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। विधानाचार्य पंडित कीर्तीय पारसोला...

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पंचबालयती मंदिर के भक्तामर शिविर में किया अभिषेक ध्वजारोहण: आचार्यश्री विनम्र सागर जी ने भक्तामर के 31 और 32 वें छंद की व्याख्या की 

सप्ताह में सात दिन होते हैं और सभी का अपना अलग-अलग महत्व होता है। यह विचार आचार्य श्री विनम्रसागर महाराज ने विजयनगर पंच बालयती मंदिर में चल रहे शिविर में...

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