बुरा कर्म हमेशा बुरा ही रहेगा, उसे वह कितना भी अच्छा कहे खूब दान करे लेकिन, उसे कोई अच्छा नहीं कह सकता है। यह उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने...
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यदि पुण्य को पाप में लगाओगे तो यह पुण्य क्षीण होता चला जाएगा और जो दिख रहा है, वह भी सब हाथ से निकल जाएगा। जिस निगोद नरक से यह यात्रा प्रारंभ हुई थी फिर वहीं...
आज का युग ‘रिएक्शन’ का युग है, छोटी सी बात पर रिश्ते टूट जाते हैं, पोस्ट पर कमेंट्स से भावनाएं आहत हो जाती हैं। अहंकार इतनी ऊंचाई पर बैठा है कि ‘मैं गलत नहीं...








