वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज एवम् वात्सल्य मूर्ति मुनि श्री पुण्य सागरजी महाराज ससंघ (52 पीछी) विशाल संघ सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम...
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पूज्यता ऐसे ही नहीं आती है। यह गुणों से प्राप्त होती है। पूजा में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। प्रमाद से पूजा के फल की प्राप्ति भी नहीं होती है। उक्त विचार...
53 साधुओं के सानिध्य में सिद्ध चक्रमंडल विधान पर आज 252 अर्घ्य किए गए। धर्म नगरी धरियावद अनेक विशाल मंदिरों, पंच कल्याणक, समाधि और दिगंबर संतो की जन्म, कर्म...








