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झूठे लोगों के रिश्ते रूठे और टूटे बिना नहीं रहते: आचार्य निर्भय सागर जी ने रयणसार ग्रंथ पर प्रवचन में वाणी संयम पर दिया जोर

आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ने धर्मसभा में करते हुए कहा कि मधुर वाणी हर प्राणी से मधुर संबंध बनाती है इसलिए हमेशा मधुर वाणी बोलना चाहिए। आदर सत्कार क्षमा और...

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