आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 16 कारण भावना अंतर्गत संवेग भावना की विस्तृत विवेचना करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से ही सच्चा...
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टोंक में सोलहकारण भावना पर्व के अंतर्गत आज दूसरी विनयसंपन्नता भावना का दिवस मनाया गया। आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में विनय को मोक्ष का द्वार बताते हुए...
धरियावद में पांच दिवसीय ज्ञान गंगा महोत्सव के चौथे दिन धर्मसभा हुई। इसमें आचार्यश्री पुलकसागर जी ने श्रावकों को आत्म कल्याण और ज्ञान के बारे में बहुमूल्य वचनों...




