दूसरो को पीड़ा दुख देने से व्यक्ति खुद भी दुखी होता है, वह मनुष्य इन कार्यों के करने के अनंतर अथवा मरने के बाद शोक को प्राप्त होता है। यह मंगल देशना आचार्य...
Tag - मुनि श्री प्रणीत सागर
मुनि श्री प्रणीत सागर जी वैशाली नगर इंदौर में विराजित हैं। प्रातः कालीन धर्म सभा में उपदेश में उन्होंने बताया कि त्रिशुद्धि पूर्वक विशुद्धता करके अपने भावों को...








