Tag - मुनि निरंजन सागर जी

समाचार

प्रवचन : जैसा होता है बांस, वैसी ही बनती है बांसुरी : मुनि श्री निरंजनसागर

अशुद्ध कारण से कभी त्रिकाल में भी शुद्ध कार्य घटित नहीं हो सकता है। बिना कारण के भी कोई कार्य संपन्न नहीं होता और कारण के होते पर भी कार्य हो जाए, यह भी आवश्यक...

You cannot copy content of this page