जब तक श्रावक हैं, तभी तक श्रमण परंपरा कायम हैं। जब श्रावक ही नहीं होगें, तो श्रमण परंपरा स्वतः समाप्त हो जाएगी। दिगंबर साधुओं की परंपरा को जारी रखने में...
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मुनिश्री विलोकसागरजी ने अतिशय क्षेत्र सिहोनियाजी तीर्थ में तीर्थ वंदना के महत्व पर प्रकाश डाला। मुनिश्री ने कहा कि तीर्थों की वंदना करने से मनुष्यों को...
सभी धर्मों में मंत्रों के जप को प्राथमिकता दी गई है। अध्यात्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। मंत्रों के जाप से मन को शांति, आत्मबल में वृद्धि, पापों...
भौतिकता की चकाचौंध में लोगों ने गुरुओं का सान्निध्य व सत्संग से दूरी बना ली है। जहां कुछ परमेश्वर को ही गुरु मानते हैं तो कुछ आत्म-ज्ञान या तत्वदर्शी संतों को...
भगवान न किसी का अच्छा करते हैं, न किसी का बुरा करते हैं। भगवान न किसी को सुख देते हैं, न किसी को दुख देते हैं। यह सब तो प्राणी मात्र के कर्मों पर निर्भर करता...
यदि हमारे हृदय में करुणा का भाव नहीं हैं तो आपकी पूजा भक्ति कभी भी सफल नहीं हो सकती। यह उद्गार नगर में चातुर्मासरत जैन संत मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़े...
मुरैना में आज शाम बड़े जैन मंदिर में तीर्थंकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण का आयोजन होगा। इस प्रतियोगिता में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया...
मुरैना में आध्यात्मिक वर्षायोग 2025 के तहत श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा जैन मंदिर में चातुर्मासरत आचार्यश्री आर्जवसागरजी महाराज के शिष्य युगल...
श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का 8 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। प्रातः पूज्य युगल मुनिराजों के पावन सान्निध्य में श्री...
प्राणियों में विरले ही ऐसे भव्य जीव होते हैं, जिनके मन में स्व कल्याण की भावना पनपती है। ऐसे भव्य जीव जिनके मन में अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने का भाव...








