मुज़फ़्फ़रनगर की पावन धर्मधरा पर 35 पिच्छीधारी संयमियों के साथ आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपूर्व धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। जैन मिलन विहार में उपस्थित विशाल...
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यान रखो भगवान जैसा रूप एवं स्वरूप पाने के लिए हमें भगवान की जरूरत है, आवश्यकता है। स्वयं के आत्मा को परमात्मा बनाने के लिए हम धर्म अनुयान करते हैं। ऐसा मांगलिक...
‘जीवन है पानी की बूंदे’ महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी ससंघ 35 पिच्छी के सानिध्य में नगर के नई मंडी क्षेत्र में श्री कल्पतीर्थ मंडपम में...
नगर में 24 समवशरणों की अनुपम रचना की गई है। कल्पतीर्थ मण्डपम् में श्री 1008 कल्पद्रुम महामण्डल विधान की आराधना चल रही है।आचार्य श्री विमर्श सागर जी के विशाल...
यहां पर 35 पिच्छी चतुर्विध आचार्य संघ के सानिध्य में श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान की आराधना हो रही है। इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि यह अनुष्ठान जैन समाज के...
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के विभिन्न अंचलों में ब्र. अनीता दीदी, ब्र.मंजुला दीदी के निर्देशन में शीतकालीन ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविरों का समापन किया...
चारित्र चक्रवती प्रथमाचार्य श्री 108 शांतिसागर जी महाराज की अक्षुण्ण पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाचार्य धर्मशिरोमणी आचार्य श्री 108 धर्म सागर जी महाराज के 56 वें...
हुसैनपुर कलां गांव में परिस्थितियों वश इंसान ही नहीं, भगवान को भी अपना स्थान छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ रहा। आबादी का संतुलन ऐसा बिगड़ा कि पहले जैन समुदाय के...








