Tag - मानतुंग स्वामी भगवान

समाचार

भक्ति का मूल्य नहीं आंका जा सकता भक्ति अमूल्य है : आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने भक्तामर स्तोत्र का सार बताया 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने कहा कि भीड़ भरे बाजार में एक हीरा रखा हो और आपको उसकी सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया हो, वहाँ आप पूरा ध्यान हीरे पर ही केन्द्रित...

You cannot copy content of this page