मुज़फ़्फ़रनगर की पावन धर्मधरा पर 35 पिच्छीधारी संयमियों के साथ आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपूर्व धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। जैन मिलन विहार में उपस्थित विशाल...
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24 घंटे में एक कार्य स्वार्थ रहित होकर अवश्य करें : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा-जीवन संवर जाएगा
जीवन है पानी की बूंद महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपने विशाल चतुर्विध संघ (30 पिच्छी) के साथ प्रथम बार प्राचीन धर्मनगरी रामपुर मनिहारान...
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा रचित काव्य कृति वस्तुत्व महाकाव्य कृति के प्रकाशक एवं पुण्यार्जक टीके वेद (पूर्व सेल टैक्स कमिश्नर) ने आचार्य श्री प्रमाण...
इंदौर(राजेश जैन दद्दू)। ब्रिटिश नेशनल यूनिवर्सिटी क्वीन ऑफ मैरी यूनाइटेड किंगडम स्टेट ऑफ अमेरिका द्वारा आचार्य श्री विद्यासागर जी द्वारा रचित महाकाव्य मूक माटी...








