Tag - बड़वानी जैन समाज

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भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप जन्म-जरा-मरण रूपी नगर को नष्ट किया — आचार्य वर्धमान सागर जी : सहस्त्रनाम विधान की पूजा में भगवान के गुणों का वर्णन

सहस्त्रनाम मंडल विधान के दौरान आचार्य वर्धमान सागर जी ने बताया कि भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप तीन पुर — जन्म, जरा और मरण रूपी नगर को नष्ट किया है। पूजन...

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दशलक्षण महापर्व पर उत्तम त्याग धर्म की प्रेरणा : जब तक सांस है दान कर लो और अपने पुण्य को गाढ़ा कर लो – आर्यिका मां विकुंदन श्री जी

बड़वानी में दशलक्षण पर्व पर आर्यिका मां विकुंदन श्री जी ने त्याग और दान के महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने बताया कि जीवन में त्याग और दान ही आत्मशुद्धि का मार्ग...

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आर्यिका विंकुंदन श्री माताजी का 36वां अवतार दिवस बदवानी में मनाया : शांतिधारा और भक्ति भाव से सजी चातुर्मास की अवतार दिवस आराधना

बदवानी में चातुर्मास के अवसर पर आर्यिका विंकुंदन श्री माताजी का 36वां अवतार दिवस धार्मिक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इसमें अभिषेक, शांतिधारा और भव्य...

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