Tag - प्राकृत वाङ्मय

समाचार

जैन धर्म में रिसर्च को जन-जन तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य - मुनि पूज्यसागर महाराज : राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन प्राकृत वाङ्मय और संस्कृति संरक्षण पर हुआ गहन मंथन

कुंदकुंद ज्ञानपीठ, इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन मुनि श्री पूज्यसागर महाराज ने जैन धर्म में हो रहे शोध को समाज तक पहुँचाने पर जोर दिया।...

समाचार

चर्चा नहीं, आचरण बोलता है : मुनि पूज्यसागर महाराज : राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम सत्र में सिरि भूवलय को सत्यता की कसौटी पर परखा गया

कुंदकुंद ज्ञानपीठ, इंदौर में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम सत्र में मुनि श्री पूज्यसागर महाराज ने आचरण और व्यवहार की महत्ता पर प्रकाश डाला।...

समाचार

जल संरक्षण, वास्तु और लिपियों पर ज्ञान का उजास : राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में प्राचीन पांडुलिपियों की ऐतिहासिकता पर हुआ सार्थक मंथन

कुंदकुंद ज्ञानपीठ इंदौर की राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में जल संरक्षण, प्राचीन लिपियों और पांडुलिपियों की ऐतिहासिकता पर विद्वानों ने गहन मंथन किया। सत्र...

समाचार

शोधपत्रों में प्राकृत विद्या के विविध आयामों पर हुआ गहन मंथन :  राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम सत्र में विद्वानों ने प्रस्तुत की श्रेष्ठ और सारगर्भित मीमांसा

कुंद-कुंद ज्ञानपीठ, इंदौर की राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम सत्र में प्राकृत वाङ्मय, जैन आगम, योग, ध्यान, पर्यावरण और ज्योतिष जैसे विषयों पर विद्वानों ने शोधपत्र...

समाचार

धर्म, भाषा, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण का अद्वितीय कार्य : दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य उद्घाटन

कुंदकुंद ज्ञानपीठ, इंदौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ। देशभर के विद्वानों ने प्राकृत वाङ्मय और सिरि...

You cannot copy content of this page