संपूर्ण विश्व और देश में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य के लिए भक्तों ने श्रीजी का अभिषेक किया। प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव की बड़ी प्रतिमा का अभिषेक करके भक्तों ने...
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राग और द्वेष से कर्म बंध होते हैं। इससे सुख का नाश होता है। संसार में जन्म मरण का परिभ्रमण होता रहता है। हमें जो भौतिक पदार्थ पुरुषार्थ से मिले हैं। वह वास्तव...








