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तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 38 मनोती पूरे होने के लिए प्रसिद्ध है यह अतिशय क्षेत्र प्रतिमाओं से समय-समय पर प्रकट होती हैं यहां तेजोमय आभा

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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मनोती पूरे होने के लिए प्रसिद्ध है यह अतिशय क्षेत्र : प्रतिमाओं से समय-समय पर प्रकट होती हैं यहां तेजोमय आभा

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 की नवीन कार्यकारणी का हुआ गठन 1966 में हुई थी स्थापना, देश में हैं 1450 शाखा

भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की नवीन कार्यकारणी का गठन, राष्ट्रीय मंत्री एवं क्षेत्र 10 के प्रभारी एडवोकेट कमलेन्द्र जैन की अनुशंसा में ,राष्ट्रीय...

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गणाचार्यश्री के शिष्य देश में जगह जगह कर रहे धर्म प्रभावना : श्रेयांसगिरि मे 6 दीक्षार्थियों को गणाचार्य श्री विरागसागर ने दिया दीक्षा का आशीर्वाद

श्रेयांसगिरि में चातुर्मासरत गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज ने छिंदवाड़ा से आए श्रमणाचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज के संघस्थ 6 ब्रह्मचारिणी दीदी व भैया...

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गणाचार्य श्री विराग सागर जी गुरुदेव से ली थी दीक्षा : श्रेयांसगिरि में आर्यिका विचारश्री माताजी का हुआ संल्लेखना समाधि महोत्सव

बीते 21 जुलाई को देवेंद्रनगर निवासी ब्रह्मचारिणी कुसुम जी की आर्यिका दीक्षा सुबह 10:00 बजे संपन्न हुई एवं दोपहर 1:45 पर समाधि मरण हो गया। इसके बाद शाम 5:30 पर...

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अतिशय क्षेत्र श्रेयांसगिरि में हुई संल्लेखना : आर्यिका विमोहिताश्री माताजी की हुआ समाधिमरण

सलेहा के समीपवर्ती बुंदेलखंड के सुविख्यात प्राचीन दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्रेयांसगिरि में परम पूज्य भारत गौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी...

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माताजी की सेवा संबोधन, वैयावृत्ति मे संलग्न है समाज : समता की प्रतिमूर्ति हैं संल्लेखनारत आर्यिका विमोहिताश्री माताजी

सलेहा के समीपवर्ती बुंदेलखंड के सुविख्यात प्राचीन दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्रेयांसगिरि में विगत 7 दिनों से परम पूज्य भारत गौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108...

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