मुनिराजों सहित आचार्यश्री की धर्मसभा का धर्मानुरागी समाजजन भरपूर पुर्ण्याजन कर रहे हैं। यहां नित प्रवचनों की श्रृंखला में मुनिराज जीवन को उत्तम बनाने और आत्म...
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जैन धर्म में व्रत, उपवास और तप, तपस्या और संयम का गहरा महत्व है। व्यक्ति की जीवनधारा को बदलने का सामर्थ्य केवल व्रत और उपवास में ही है। कहने तो जैन धर्मानुरागी...








