पूज्यता ऐसे ही नहीं आती है। यह गुणों से प्राप्त होती है। पूजा में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। प्रमाद से पूजा के फल की प्राप्ति भी नहीं होती है। उक्त विचार...
Tag - चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज
बीसवीं शताब्दी के प्रथमाचार्य, चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी महोत्सव का त्रिदिवसीय भव्य आयोजन परम पूज्य...








