महरौनी के श्री अजित नाथ बड़ा जैन मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शुरू हुआ दशलक्षण महापर्व आज ब्रह्मचर्य धर्म के साथ सम्पन्न हुआ। दस दिनों तक नगर में भक्ति...
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दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...
रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि कपट और छल का कोई भी कल्याण नहीं होता। सरल स्वभाव...
धरियावद स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन क्षुल्लक 105 श्री महोदय सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अहंकार और वहम से दूर रहने...
ललितपुर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ हुआ। नगर के जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजन, ध्यान...
भारत की गौरवशाली वांग्मय परंपरा के प्रमुख दर्शन जैन दर्शन और वैदिक दर्शन, दोनों की भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रमुख आधार स्तंभ हैं। जो क्षमा को आत्म उन्नति...
भगवान महावीर स्वामी विराट व्यक्तित्व के धनी थे। महावीर स्वामी ने अहिंसा, संयम और तप को ही धर्म बताया है। भगवान महावीर कहते हैं, जो धर्मात्मा है, जिसके मन में...








