नरक गति और तिर्यंच गति के भयंकर दुःखों को सहन करके हमने मनुष्य गति तक का आधे से ज्यादा रास्ता पार कर लिया है। अब इस जगह से पुनः नीचे की गतियां नहीं प्राप्त...
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क्षुल्लक द्वय श्री महोदय सागर जी, क्षुल्लक श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में प्रतिदिन प्रातः श्रीजी का जलाभिषेक पंचामृत अभिषेक, महा शांतिधारा...








