श्रमण संस्कृति के श्रेष्ठ आचार्य श्री विमलसागरजी निमित्त ज्ञानी संत थे और उनके हृदय में प्राणी मात्र के प्रति करुणा उदारता और लोक कल्याण की भावना समाहित थी। ये...
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आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का...
गुप्तिसदन स्थित श्री 1008 आदिनाथ जिनालय में 14 से 16 नवंबर तक त्रिदिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत शुक्रवार सुबह आर्यिका 105 श्री यशस्विनी माताजी ससंघ के...
सिद्ध क्षेत्र पावागरी ऊन में पंचकल्याणक की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम के लिए साधु-संतों का आगमन शुरू हो गया है। प्रशासन भी इस आयोजन के लिए तैयारी में जुटा...








