Tag - आरोग्यमय वर्षायोग समिति

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : बताया भक्तामर के 25वें काव्य का महत्व     

 उपाध्याय श्री 108 विहसंतसागर जी महाराज ने भक्तामर स्तोत्र के पच्चीसवें काव्य का महत्व समझाते हुए बताया कि इस काव्य में मुनिवर ने कहा कि हे भगवन! केवलज्ञान...

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