संसारी जीवों के पास दो प्रकार का वैभव पाया जाता है। पहला बाहरी धन-वैभव और दूसरा आत्मा का अंतरंग गुण धन। बाहरी धन वैभव पुष्य कर्म के अधीन है जो सदैव घटता-बढ़ता...
संसारी जीवों के पास दो प्रकार का वैभव पाया जाता है। पहला बाहरी धन-वैभव और दूसरा आत्मा का अंतरंग गुण धन। बाहरी धन वैभव पुष्य कर्म के अधीन है जो सदैव घटता-बढ़ता...
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