Tag - वर्षायोग

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31 वां पावन वर्षायोग कलश स्थापना समारोह सम्पन्न : वर्षायोग साधुओं- श्रावकों दोनों का होता है-आचार्य ज्ञानभूषण महाराज

वर्षायोग केवल श्रमणों का नहीं होता है, श्रावकों का भी होता है। जहां पर गुरुओं की वाणी से उनके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आता है। वर्षा योग की सार्थकता तभी है जब...

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आचार्य विद्यासागर महाराज का बच्चों ने किया अष्ट द्रव्य से पूजन : पाठशाला से संस्कारित होते हैं बच्चे- आर्यिका धारणा मति 

आर्यिका रत्न 105 धारणामति, आर्यिका श्री मुदितमति, आर्यिका शास्त्रमति माता जी ससंघ का चातुर्मास नगर की ह्दय स्थली श्री महावीर विद्या विहार में चल रहा है।...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : पुण्य को ठुकराकर जो आता है उसकी कथा पुराण बन जाती है – मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज अमीरी बहुत बड़ी सजा है कि तुम चाहकर भी भगवान का नाम नहीं ले पा रहे।...

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अनिमेय पावन वर्षा योग 2023 : चातुर्मास कलश स्थापना के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव आज मनाएंगे

धर्म कहत सब कोई, धर्म न जाने कोई, मर्म जाने बिना धर्म कहां से होई इस उक्ति से आचार्य विहर्ष सागर महाराज ने आज बात प्रारंभ की। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : जैनी सदा पापियों के लिए अपशुकन है – मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि कर्म की अदालत में कोई लेन-देन नहीं करना। हर्ष पूर्वक सजा को ग्रहण करना...

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तप, त्याग, संयम की प्रतिमूर्ति हैं आचार्य ज्ञेयसागर महाराज : ज्ञानतीर्थ पर 48 घंटे में एकबार लेते हैं अन्न जल

जैन संत आचार्य श्री ज्ञेयसागर महाराज का वर्षायोग ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ सानंद चल रहा है। ज्ञानतीर्थ पर वर्षायोग के लिए विराजित...

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चातुर्मासिक प्रवचन में धर्मसभा को किया संबोधित :  महान बनना तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। पढ़िए शुभम जैन की...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : माता-पिता के प्रतिकूल न चलें- मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। जानते हैं उनके...

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धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : सोचो नहीं, सोच बदलो तो बदलेगा जीवन – आचार्य विनिश्चयसागर

जो आज तक किया है अब नहीं करेंगे और जो नहीं किया है वो अब करेंगे। ऐसी विचारधारा जब आपकी अंतस चेतना में आयेगी, तब आप कुछ सुखी हो सकते हैं। उक्त उद्बोधन आचार्य...

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चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में प्रवचन : मनुष्य पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं -आचार्य विनिश्चयसागर

मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे।...

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