मार्दव का मतलब है अहंकार / घमंड को त्यागना और विनम्रता और कोमलता को अपनाना। उत्तम मार्दव धर्म लोक व्यवहार को सुधारने के काम आता है, ये भावनाओं को भी नियंत्रित...
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छत्रपति नगर के दलाल बाग में मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि क्रिसमस पर तो छुट्टी मिलती है किंतु पयुर्षण पर्व पर नहीं मिलती, यहां तक कि इन...
दुनिया का हर व्यक्ति अदृश्य स्रोत को मानता है, वैज्ञानिक भी इसमें विश्वास करते हैं। लोग इसीलिए साधना करते हैं। इन शक्तियों के माध्यम से हम विकास और विनाश दोनों...
मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि सत्ता, संपत्ति और सामर्थ्य को प्राप्त करके कुछ लोग अपने आप को भगवान समझने लगते हैं। इन तीन चीजों में ज्यादा समय तक...
दिगंबर जैन परवार सभा के द्वारा समाज के जिन छात्र छात्राओं ने अपनी कक्षा में उच्च श्रेणी प्राप्त की हो एवं शासकीय सेवाओं में वर्ष 2023-24 में उच्च पदों पर...
मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज नाम की बड़ी पूछ है। मान मर्दन करने के बाद ही साधु बनाए जाते हैं। व्यक्ति अपना चेहरा तो देखना चाहता है...
मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि मैंने आज एक लेख पड़ा, उसमें लिखा था कि साधु के दो काम होते हैं, एक है तप करना और दूसरा है श्रुत का अध्ययन करना। यहां...
मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने जन्माष्टमी के अवसर पर अपने प्रवचन में कहा कि जब – जब भी मान – अपमान के क्षण आए श्री कृष्ण जी मुस्कुराते...
मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि साधु मार्ग में पांच प्रकार के आनंद होते हैं। हमने तो संयमी बनने के बाद ये सुने थे, किंतु आप आज ही ये सुन...
मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि गुरु की उपासना करना, रक्षा करना श्रावक का कार्य है। जीवन में स्व के कारण कभी कुछ नहीं होता , जो भी होता है...








