शौच अर्थात ‘शुचिता’। आत्मा के परिणामों अर्थात विचारों तथा अभिप्राय में शुचिता होना शौच है। वह शुचिता जब सम्यग्दर्शन अर्थात आत्मा के श्रद्धान के साथ होती है, तब...
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श्री दिगम्बर जैन मंदिर लार मे चल रहे दशलक्षण का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म के साथ धूमधाम मनाया गया। इसके साथ ही जैन धर्म के नवें तीर्थंकर श्री 1008 पुष्पदंत नाथ...
पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज चौथे दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य...
क्रोध प्रायः चेतन पदार्थ से जागता है, मायाचारी व्यक्ति भी जीव को फंसाता है, मान भी अकड़ता है तो जीव के सामने अकड़ता है, इन तीनो कषायों में जीव की प्रधानता है...
शौच मतलब सुचिता या निर्मलता। जब क्रोध कम होता है तो भीतर कोमलता आ जाती है और हम बाहर और भीतर से सरल होने का प्रयास करने लगते हैं। लोभ तुलना पैदा करता है, डर...
राजधानी के सब से प्राचीन लगभग 150 वर्ष पुराने श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड रायपुर में दसलक्षण पर्युषण महापर्व के अवसर के चौथे दिन उत्तम शौच...
सकल दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन बुधवार को मंदिरों में उत्तम शौच धर्म का पालन किया। मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज के...
उत्तम शौच धर्म : इंदौर में चातुर्मास कर रहे संतों ने क्या कहां जाने उनके प्रवचन की पांच प्रमुख बातें
इंदौर में चातुर्मास कर रहे मुनि प्रमाण सागर जी महाराज,मुनि विन्रम सागर जी महाराज, मुनि पूज्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यम से उत्तम शौच धर्म का...
निज आत्मा पदार्थ जैसा स्वयं है वैसा जानना, देखना अथवा कहना उत्तम सत्य है। धर्म निज का भाव है अतः जिस ज्ञान अथवा वचन का स्वयं पर प्रभाव है वही उत्तम सत्य है।...
आज उत्तम सत्य धर्म का दिन है। जहां क्षमा , मार्दव , आर्जव , शौच आत्मा का स्वभाव है , वहीं सत्य- संयम- तप त्याग इन गुणों को प्रगट करने के उपाय हैं , या कहें कि...








