Tag - उत्तम मार्दव धर्म

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पर्युषण के दूसरे दिन की गई उत्तम मार्दव धर्म की आराधना : अभिमान को छोड़ सबसे विनय भाव से पेश आएं- आर्यिका सरस्वती माताजी

दिगंबर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण पर्व का दिन दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का होता है। अकसर धन, दौलत, शान और शौकत इन्सान को अहंकारी और अभिमानी बना देता है...

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ताजगंज जैन मंदिर में आयोजन : उत्तम मार्दव धर्म पर हुआ श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा व नित्यमह पूजन

श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा पंचायती मंदिर ताजगंज में दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन 9 सितंबर को उत्तम मार्दव धर्म मनाया गया। भक्तों ने सर्वप्रथम भगवान पारसनाथ...

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दसलक्षण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म मनाया : उपाध्याय श्री विहसंत सागर ने दिया जीवन में सरलता लाने का उपदेश

मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य एवं अर्पितमय में पावन वर्षायोग समिति के तत्वावधान में कमला नगर स्थित डी ब्लॉक के महावीर...

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हमारे जीवन में मृदुता का बहुत ही महत्व : दसलक्षण पर्व के दूसरे दिन की गई उत्तम मार्दव धर्म की पूजा 

 श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री पार्श्व पद्मावती धाम पलवल में आज दिव्य तपस्वी, वात्सल्य सम्राट,राष्ट्र संत,पलवल तीर्थ उपसर्ग निवारक आचार्य श्री सुंदरसागर...

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उत्तम मार्दव धर्म पर विशेष आलेख: जीवन में कभी मान नहीं करना चाहिए

मार्दव का अर्थ होता है मृदुता या नम्रता और उत्तम का मतलब है श्रेष्ठ या उत्कृष्ट। इस प्रकार, “उत्तम मार्दव धर्म” का मतलब है “श्रेष्ठ नम्रता का...

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कहानी उत्तम मार्दव धर्म की : हमारे अच्छे- बुरे कर्म जाते हैं हमारे साथ

 ‘मार्दव’ का अर्थ है “मृदुता” या “नम्रता”। जैन दर्शन के अनुसार, उत्तम मार्दव धर्म का पालन व्यक्ति को अहंकार, अभिमान, और...

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