सवाई माधोपुर जिले के जैन समाज, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति और 1008 श्री चंद्र प्रभु मंदिर समिति पीपल्दा तथा संपूर्ण सर्वधर्म के नागरिकों ने आचार्य श्री...
Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज
पंच कल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है। जिसमें नर को नारायण, पाषाण को भगवान बनाया जाता है। पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार...
संकल्प में बहुत बड़ी शक्ति होती है संकल्प से ही सफलता का मार्ग बनता है चंचल राशि को चार प्रकार के धार्मिक सामाजिक कार्य में दान देकर मनुष्य जीवन को सार्थक करना...
राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का कई वर्षों के बाद शिवाड़ में दोपहर को मुनि श्री हितेंद्रसागर जी, मुनि श्री चिंतनसागर जी, मुनि श्री भुवनसागर जी...
शास्त्र गुरु हमारे आराध्य हैं ,उनकी अर्चना, पूजा ,भक्ति करना चाहिए। जिनवाणी के सामने चार पुंज चढ़ाते हैं। यह भक्ति ह्रदय में हमेशा बनी रहना चाहिए। यह मंगल देशना...
आचार्य श्री वर्धमानसागर जी का अनेक ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद टोंक नगर से शिवाड़ की ओर 32 साधु सहित शनिवार को विहार किया। प्रातः श्री आदिनाथ जिनालय में...
आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज जी की मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संयमी जीवन का 57 वां वर्षायोग अतिशय...
श्रीमद 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का 6 दिवसीय पंच कल्याणक घटयात्रा, ध्वजारोहण, मंडप उदघाटन, कलश स्थापना से आचार्य संघ सानिध्य में प्रारंभ हुआ। आचार्यश्री ने इस...
पुरानी टोंक में चतुर्भुज तालाब के पास 1008 श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में 7 से 12 नवंबर तक...
दिगंबर जैन साधु का संयम उपकरण पिच्छी और कमंडल है। यह जिन मुद्रा एवं करुणा का प्रतीक है। पिच्छी और कमंडल साधु के स्वालंबन के दो हाथ हैं। इनके बिना अहिंसा मय...








