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मुरैना-अम्बाह में होगा ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविरों का आयोजन : ग्वालियर चम्बल संभाग में 5 मई से ग्रीष्मकालीन शिविर


ग्वालियर एवं चम्बल सम्भाग के विभिन्न शहरों में ग्रीष्मकालीन ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविरों का नौ दिवसीय आयोजन 5 मई से होने जा रहा है। शिविर संयोजक पंडित मनीष विद्यार्थी शाहगण द्वारा ने बताया कि धार्मिक शिक्षा एवं संस्कारों के बीजारोपण के उद्देश्य से 5 मई से 13 मई, 2023 तक ग्वालियर, मुरेना, भिंड के विभिन्न शहरों में ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन एक साथ होने जा रहा है। पढ़िए मनोज नायक की विशेष रिपोर्ट…


मुरैना। ग्वालियर एवं चम्बल सम्भाग के विभिन्न शहरों में ग्रीष्मकालीन ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविरों का नौ दिवसीय आयोजन 5 मई से होने जा रहा है। शिविर संयोजक पंडित मनीष विद्यार्थी शाहगण द्वारा ने बताया कि धार्मिक शिक्षा एवं संस्कारों के बीजारोपण के उद्देश्य से 5 मई से 13 मई, 2023 तक ग्वालियर, मुरेना, भिंड के विभिन्न शहरों में ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन एक साथ होने जा रहा है। सभी शिविरों का सामूहिक समापन समारोह परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में 14 मई को महानगर ग्वालियर में होने की पूरी संभावना है।

23 वर्षों से हो रहा है आयोजन

23 वर्षों में अभी तक श्रुत संवर्धन संस्थान मेरठ ने 15 राज्यों के 1500 शहरों में इस तरह के शिविरों का आयोजन किया है। शिविर के कुलपति डॉ. शीतलचन्द जैन जयपुर, मुख्य संयोजक ब्र.जयकुमार निशांत, टीकमगढ़, निर्देशक ब्र.बहिन अनीता दीदी, मंजुला दीदी, प्रियंका दीदी, ब्र.मनीष भैयाजी, सह निर्देशक राजेन्द्र महावीर सनावद, डॉ. सुनील संचय ललितपुर, संयोजक पंडित चेतन जैन बण्डा, मनीष विद्यार्थी शाहगढ़ एवं निरीक्षक मंडल में बालचन्द जैन ग्वालियर, पं.चन्द्रकुमार चंदर ग्वालियर, प्राचार्य चक्रेश शास्त्री मुरैना, मनोज नायक मुरैना रहेंगे।

1200 स्थानों पर धर्म प्रभावना

आधुनिकता की अंधी दौड़ में नैतिकता, आदर्श एवं परम्परा लुप्त होती जा रही है। ऐसी विषम परिस्थितियों में आगम परम्परा एवं लुप्त होते संस्कारों को पुनः स्थापना की पवित्र भावना लेकर परम् पूज्य आचार्य श्री शांतिसागर महाराज छाणी के चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुमतिसागर जी महाराज के परम प्रभावक सुयोग्य शिष्य सराकोद्धारक समाधिस्थ षष्ट पट्टाचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के पावन निर्देशन में श्रुत संवर्धन संस्थान मेरठ एवं स्वस्तिधाम जहाजपुर के तत्वाधान में वर्ष 2000 से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छतीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों में लगभग 1200 स्थानों के लाखों शिविरार्थियों को संस्कारित कर धर्म प्रभावना की गई है ।

संस्कारों का बीजारोपण

वर्ष 2023 में पुनः मुरैना, अम्बाह, पोरसा, जौरा, बानमोर, धौलपुर, मनियां, राजाखेड़ा, डबरा, ग्वालियर, मुरार, लश्कर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, दतिया, सुहाली एवं झांसी में ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से निश्चित ही नौनिहालों में संस्कारों का बीजारोपण होगा। इन शिविरों में श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, स्याद्वाद महाविद्यालय वाराणसी, श्रमण ज्ञान भारती मथुरा, श्री गोपाल दि.जैन सिद्धान्त संस्कृत महाविद्यालय मुरैना आदि के प्रशिक्षित विद्वान, ब्रह्मचारी भैयाजी एवं ब्रह्मचारिणी दीदीयां प्रशिक्षण देंगीं। सभी नगरों में एकसाथ शिविरों का आयोजन होगा, जिसमें सुबह, शाम एवं रात्रि को ज्ञान दर्पण भाग 1 एवं 2, छ्हढाला, रत्नकरण्ड श्रावकाचार, तत्वार्थ सूत्र, भक्तामर स्त्रोत, पूजन प्रशक्षण प्रदान किया जाएगा।

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