अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
नवागढ़/ललितपुर। अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। आचार्य श्री के सान्निध्य से बच्चों में धर्म, संयम एवं आत्मिक उन्नति की भावना प्रबल हुई। साथ ही मुनि श्री उपशांत सागर जी महाराज के ओजस्वी एवं सारगर्भित प्रवचनों को श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने अहिंसा, सदाचार, अनुशासन एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बच्चों के साथ पधारे श्री सौरभ जैन ने अपने भाव रखते हुए बताया कि आज के इस संस्कारमय कार्यक्रम में उपस्थित होकर मन अत्यंत आनंदित है। गुरुकुल एवं तीर्थ क्षेत्र बच्चों के चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। यहाँ आकर बच्चों को जो शांति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, वह जीवन भर साथ रहती है। जैन संस्कारों के साथ आधुनिक कंप्यूटर एवं अंग्रेजी माध्यम से जो शिक्षा प्रदान की जा रही है, यह बच्चों के भविष्य के निर्माण के साथ-साथ उनके जीवन को मंगलमय बनाने का एक महत्वपूर्ण उपक्रम ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी द्वारा संपादित किया जा रहा है जो अनुकरणीय है।
श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया
नवागढ़ गुरुकुलम द्वारा किया जा रहा यह प्रयास वास्तव में समाज और भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। मैं आयोजकों को हृदय से बधाई देता हूँ। अनिल जैन ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुकुल एवं तीर्थ क्षेत्रों का वातावरण बच्चों के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नवागढ़ गुरुकुलम की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को भावी पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत के माध्यम से सभी का बहुमान किया। शिक्षकों द्वारा सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का सम्मान किया गया। मुनि श्री ने सभी छात्रों को डायरी एवं पेन देकर मंगलमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया।
ब्र. जय निशांत जी भैया जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परम पूज्य साधु भगवंतों के चरणों में कोटि-कोटि नमन।
यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बना
आज के इस पावन एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम को सफल बनाने में जिन-जिन महानुभावों का सहयोग प्राप्त हुआ, मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन से पधारे बच्चों, उनके अभिभावकों, गुरुकुल के शिक्षकों एवं सभी अतिथियों का विशेष धन्यवाद। आप सभी की उपस्थिति से यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बन गया। प्रभु से प्रार्थना है कि हम सभी सदैव धर्म और संस्कार के मार्ग पर अग्रसर रहें। नवागढ़ गुरुकुलम के अध्यापकों एवं नवागढ़ समिति के पदाधिकारियों ने पूज्य श्री के प्रति नमोस्तु निवेदन करते हुए सभी छात्रों से पुनः नवागढ़ आकर भगवान अरनाथ स्वामी के दर्शन बंदन एवं जैन इतिहास के साक्ष्यों का दिग्दर्शन करने हेतु निवेदन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।













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