वरेह निवासी, सौम्य स्वभाव और सामाजिक सहयोग के प्रतीक जगदीश चंद्र जैन का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से समस्त जैन समाज, ग्राम वरेह और अम्बाह क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। पढ़िए अजय जैन की यह विशेष रिपोर्ट…
अम्बाह। वरेह निवासी, सौम्य स्वभाव और सामाजिक सहयोग के प्रतीक जगदीश चंद्र जैन का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से समस्त जैन समाज, ग्राम वरेह और अम्बाह क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
स्व. जगदीश जी का पार्थिव शरीर उनके निज निवास – जैन मंदिर, चुंगी नाका के सामने, अम्बाह – पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में समाजजन और नागरिकों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनकी अंतिम यात्रा सोमवार दोपहर 1:00 बजे उनके निवास से प्रारंभ होकर अम्बाह मुक्तिधाम पहुंची, जहां विधिपूर्वक अंतिम संस्कार सम्पन्न किया गया।
एडवोकेट धर्मेंद्र जैन ने उन्हें याद करते हुए कहा कि “वे एक जिंदादिल, सहज और कर्मठ व्यक्तित्व के धनी थे, जिनका गांव और समाज से गहरा जुड़ाव रहा। हर सामाजिक और पारिवारिक आयोजन में उनका योगदान सजीव रूप से अनुभव किया गया है। उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।”













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