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सिद्धों की आराधना से पापों का क्षय होता है - चक्रेश शास्त्री : जैन मंदिर में चल रहा है आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ


मुरैना के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन भक्ति, श्रद्धा और आस्था के साथ चल रहा है। पंडित चक्रेश शास्त्री ने कहा कि सिद्धों की आराधना से अशुभ कर्मों का क्षय होता है और सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…


मुरैना। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में प्रतिष्ठाचार्य महेंद्रकुमार शास्त्री के निर्देशन एवं विधानाचार्य चक्रेश शास्त्री, नवनीत शास्त्री, संदीप शास्त्री और अभिषेक शास्त्री के आचार्यत्व में आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ 29 अक्टूबर से आरंभ हुआ है।

विधान के तीसरे दिन जिनेन्द्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा और नित्य महापूजन के बाद सिद्धचक्र पूजन प्रारंभ हुआ। विधानाचार्यों ने प्रत्येक श्लोक का अर्थ सहित वाचन करते हुए भक्तों को सिद्ध आराधना का महत्व समझाया। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति से 32 अर्घ्य समर्पित किए।

जैन संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य पंडित चक्रेश शास्त्री ने कहा कि सिद्धों की आराधना सभी पापों का क्षय करती है और सती मैना सुंदरी द्वारा किए गए सिद्धचक्र विधान की महिमा आज भी समाज के लिए प्रेरणा है। सौरभ जैन एंड पार्टी ने मधुर भक्ति संगीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में रात्रि को महाआरती और प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। आगामी दिनों में “कौन बनेगा धर्म शिरोमणि” कार्यक्रम और 6 नवंबर को विश्व शांति की कामना के साथ महायज्ञ का आयोजन होगा।

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