जयपुर के गायत्री नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन ने भक्ति भाव से सहभागिता की। विधान 5 नवंबर तक चलेगा। पढ़िए अनिता बड़जात्या की रिपोर्ट…
महिला मंडल एवं मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में गायत्री नगर, महारानी फार्म, जयपुर में 28 अक्टूबर प्रातः 8 बजे मुनि श्री पावन सागर जी महाराज व मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। श्रीमती रश्मि, मनीष एवं नलिनी तोतूका ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का आगाज किया। मंत्री बीना टोंग्या ने बताया कि विधान 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री के निर्देशन में संपन्न होगा।
घटयात्रा मंगल कलश सहित बैंड बाजों के साथ निकाली गई, जो मंदिर पहुंचकर विधान स्थल का शुद्धिकरण करने के पश्चात संपन्न हुई। महिला मंडल की अनिता बड़जात्या ने जानकारी दी कि प्रतिदिन सौधर्म इंद्र के रूप में सारसमल कमला झांझरी, निर्मल उषा सेठी, अनिल रेखा झाझरी, निर्मल सुशीला अनिल गदिया, विमल सरोज बाकलीवाल, सुनील अनीता रावका, अशोक कांता कासलीवाल, प्रदीप संगीता बाकलीवाल सेवा देंगे। श्रीपाल-मैनासुंदरी की भूमिका सुनील लता सोगानी निभाएंगे, जबकि महायज्ञ नायक उदय भान जैन–अनिता बड़जात्या, धनपति कुबेर अनिल कुमार–बीना टोंग्या होंगे। अखंड ज्योति का सौभाग्य अशोक विमला पापड़ीवाल परिवार तथा मंगल कलश स्थापना अशोक नीलू गंगवाल द्वारा की जाएगी।
मुनि श्री ने अष्टान्हिका पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। 29 अक्टूबर से प्रतिदिन प्रातः 6:15 बजे अभिषेक, शांतिधारा एवं तालगृह में विधान पूजा होगी। इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, मंत्री राजेश बोहरा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंजू सेवा वाली, प्रमिला शाह, विजय सोगानी, बसंत बाकलीवाल, आनंद बाकलीवाल, कमल मालपुरा वाले, सुरेश लुहाड़िया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। सभी मांगलिक क्रियाएं पं. अजीत शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गईं।













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