श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहार में विश्व शांति एवं विश्व कल्याण के लिए श्री 1008 श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान सह विश्व शांति महायज्ञ शनिवार से शुरू हो गया। यह आयोजन 20 से 26 दिसंबर तक चलेगा। पढ़िए मुकेश जैन लार की विशेष रिपोर्ट…
अहार जी। श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहार में विश्व शांति एवं विश्व कल्याण के लिए श्री 1008 श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान सह विश्व शांति महायज्ञ शनिवार से शुरू हो गया। यह आयोजन 20 से 26 दिसंबर तक चलेगा।
शोभा यात्रा और भक्तिमय वातावरण
जैन मुनि श्रुतेश सागर और सुश्रुतेश सागर महाराज के सानिध्य में बड़े बाबा के मंदिर से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़े के साथ घट यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने डीजे की धुन पर अपनी भक्ति और उत्साह के साथ भाग लिया और भगवान महावीर का जयघोष किया। इससे पहले मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा और विधान की सभी मांगलिक क्रियाएं संपन्न की गई। शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सुसज्जित लाल वस्त्र में अष्टप्रतिहार्य और मंगल कलश लेकर आगे बढ़ रही थीं। घट यात्रा जैन मंदिर से निकलकर क्षेत्र परिसर की परिक्रमा करते हुए पंडाल में पहुँची, जहां मुनि श्रुतेश सागर जी के निर्देशन में श्रीजी विराजमान कराए गए।
मंडल विधान और मांगलिक क्रियाएं
घट यात्रा के बाद मंडल विधान की मांगलिक क्रियाएं आयोजित की गईं। पंडाल के शिखर पर परंपरानुसार ध्वजारोहण किया गया। तत्पश्चात मंडप शुद्धि और मंगलाष्टक पाठ के बाद पांडूशिला पर श्रीजी को विराजमान किया जाएगा। इसके साथ ही सिद्ध चक्र मंडल विधान का पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किए गए। इस कार्यक्रम के दौरान पुण्यार्जक परिवार सहित जैन समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
छह दिन का आयोजन और समापन
यह कार्यक्रम छह दिनों तक चलेगा। अंतिम दिन यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन होगा। सभी विधि-विधान बाल ब्र. संजय भैया, पंडित दीपक जी हजारीबाग और पंडित कमलकुमार शास्त्री के कुशल निर्देशन में किए जा रहे हैं।













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