नगर में परम पूज्य विज्ञान मति माताजी की शिष्या पवित्रमति माताजी के संघ के सानिध्य में श्रुत पंचमी बड़े हर्षोल्लाह के साथ मनाई। प्रातः आदिनाथ मंदिर, भगवान महावीर समवशरण मंदिर, सुखोदय तीर्थ नसियां जी में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात श्रीजी को गाजों-बाजों के साथ पंडाल में लाया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा। नगर में परम पूज्य विज्ञान मति माताजी की शिष्या पवित्रमति माताजी के संघ के सानिध्य में श्रुत पंचमी बड़े हर्षोल्लाह के साथ मनाई। प्रातः आदिनाथ मंदिर, भगवान महावीर समवशरण मंदिर, सुखोदय तीर्थ नसियां जी में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात श्रीजी को गाजों-बाजों के साथ पंडाल में लाया गया, जहां पर बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों की मधुर स्वरों के साथ पवित्रमति माताजी के मुखारविंद से विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक की पश्चात श्रुत पंचमी की पूजन विधान का आयोजन किया गया।
विधान के मुख्य पात्र सौधर्म इंद्र पंचोरी अमृतलाल पन्नालाल, कुबेर इंद्र रतनलाल मीठालाल, महानायक दीपक अमृतसर व तुभम प्रदीप, पंचोरी गांधी, सुमति देवी, रमेश चंद्र, गीतांश विपुल, पंचोरी शिवानी कमल, नानावती ईश्ववा अमित, पंचोरी हेमलता सुभाष चंद्र द्वारा मंगल कलश स्थापित किए गए दीप प्रज्वलित पंचोली आगम मौलिक संदीप करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ इंद्र के रूप में अनिता बेन रमलाल , पंचोली के सीमा चंपालाल ने विशेष भक्ति की। इस अवसर पर मंडला बनाकर सभी इंद्र इंद्राणियों ने शुद्ध पंचमी के अर्घ्य चढ़ाए।
महाअर्घ्य बालिका मंडल, पंचोली सुलोचना बेन दोसी, नानावटी कुसुम लता, सुभाष चंद्र, क्रिया कौशिक बागीदौरा ने चढ़ाया प्रसिद्ध गायक कल्पेश और पार्टी के मधुर स्वरों के साथ नृत्य ज्ञान करते हुए विधान में धर्म प्रेमी बंधुओ ने लाभ लिया। इस अवसर पर सांगानेर संस्थान से पधारे दीपेश शास्त्री पीयूष शास्त्री का सानिध्य प्राप्त हुआ। विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी, वीणा दीदी के दिशा निर्देशन में श्रुति पंचमी विधान का आयोजन हुआ।













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