मंगलवार को प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी श्रुत पंचमी का पर्व मनाया जायेगा। जिसके अंतर्गत प्रातः 7.30 बजे जिनवाणी माता की शोभा यात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर जी से निकल कर पुन बड़े मंदिर में समाप्त होगी। जिसके पश्चात श्रीजी व श्रुत स्कंध यंत्र का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन किया जाएगा। पढ़िए सम्मति जैन की रिपोर्ट…
सनावद। दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार प्रति वर्ष जेष्ठ शुक्ल पंचमी तिथि को श्रुत पंचमी पर्व मनाया जाता है। इस दिन जैन आचार्य धरसेन के शिष्य आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतबलि ने ‘षट्खंडागम शास्त्र’ की रचना की थी। उसके बाद से ही भारत में श्रुत पंचमी को पर्व के रूप में मनाया जाने लगा। समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि इसी अवसर पर कल मंगलवार को प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी श्रुत पंचमी का पर्व मनाया जायेगा। जिसके अंतर्गत
प्रातः 7.30 बजे जिनवाणी माता की शोभा यात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर जी से निकल कर पुन बड़े मंदिर में समाप्त होगी। जिसके पश्चात श्रीजी व श्रुत स्कंध यंत्र का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन किया जाएगा।
श्री सिद्धाचल पोदनपुरम में रजतमय जिनवाणी का होगा अभिषेक- पूजन
सनावद से 3 किलोमीटर दूर स्थित श्री सिद्धाचल पोदनपुरम में श्रुत पंचमी के अवसर पर परम पूज्य विदुषी आर्यिका प्रशांत मति माताजी द्वारा संकलित एवं पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज द्वारा प्रतिष्ठित विश्व की अद्भुत अनोखी रजतमय मां जिनवाणी का अभिषेक एवं पूजन मंगलवार प्रातः 8:30 बजे स्थान दिगंबर जैन श्री क्षेत्र सिद्ध चल पोदनपुरम मैं किया जाएगा। वारिश मोनू जैन ने सभी समाजजनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।













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