जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित तीर्थ क्षेत्र श्री यशोदय तीर्थ पर चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का सोमवार को धूमधाम से समापन हो गया। समापन अवसर पर सर्वप्रथम जिनेंद्र भगवान को सौधर्म इंद्र और अन्य सभी इद्रों ने अभिषेक के लिए पांडुकशिला पर विराजमान किया और अभिषेक किया। पढ़िए राजीव सिंघाई की विस्तृत रिपोर्ट..
महरौनी(ललितपुर)। जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित तीर्थ क्षेत्र श्री यशोदय तीर्थ पर चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का सोमवार को धूमधाम से समापन हो गया। समापन अवसर पर सर्वप्रथम जिनेंद्र भगवान को सौधर्म इंद्र और अन्य सभी इद्रों ने अभिषेक के लिए पांडुकशिला पर विराजमान किया और अभिषेक किया। इसके बाद श्रीजी की शांति धारा की गई।
इसके उपरांत श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन पर पं. अंकित शास्त्री सागर ने पहले दैनिक पूजा कराई। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन के अवसर पर विश्व की शांति और कल्याण के लिए विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें सभी पात्रों, इंद्र-इंद्राणियों ने यज्ञ में आहुतियां दीं और विश्व शांति की कामना की। गुरु पूर्णिमा पर्व पर मुनिश्री सुधासागर महाराज का पूजन किया गया।
इस अवसर पर पं अंकित शास्त्री ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं ने अपनी एकता दिखा कर भक्ति भाव पूर्वक अनंतानंत सिद्ध परमेष्ठी भगवान की आराधना का अनुष्ठान श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया, जो बहुत ही सफल रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री सुधासागर यशोदय महिला समिति का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी का आभार अध्यक्ष रश्मि मलैया ने किया।













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