भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन परिसर में भगवान महावीर स्वामी की ब्रॉन्ज धातु से निर्मित साढ़े तीन फीट ऊंची प्रतिमा को कलात्मक रूप से स्थापित किया गया। यह प्रतिमा आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से स्थापित हुई। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन के प्रांगण में रविवार को भगवान महावीर स्वामी की ब्रॉन्ज धातु की साढ़े तीन फीट ऊंची प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक स्थापित किया गया। बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से बनी कलात्मक छतरी के भीतर कमलासन पर यह प्रतिमा विराजमान की गई। जयपुर के शिल्पकार संतोष शर्मा द्वारा वास्तुकार राजकुमार कोठारी के निर्देशन में इसका निर्माण किया गया था।
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का आशीर्वाद और ताम्रपत्र प्रशस्ति
इस प्रतिमा की नींव में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा लिखित प्रशस्ति को ताम्रपत्र पर उत्कीर्ण कर स्थापित किया गया है। महाराज श्री ने इस प्रतिमा के निर्माण हेतु विशेष निर्देश दिए थे और कहा था कि भगवान महावीर के उपदेश मानवता के कल्याण का मार्ग हैं। यह प्रशस्ति इस प्रतिमा के पवित्र उद्देश्य और आशीर्वाद का प्रतीक है।
अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत विकास कार्य
भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन स्कीम के अंतर्गत श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। वातानुकूलित वेटिंग हॉल, महिला वेटिंग रूम, आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, कोच गाइडेंस और अनाउंसिंग सिस्टम जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं।
समाजजन और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से गूंजा आयोजन
प्रतिमा स्थापना के इस शुभ अवसर पर धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू, श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र के संयुक्त सचिव पी.के. जैन, वास्तुकार राजकुमार कोठारी, अनिल कुमार जैन, नरेंद्र नृपत्या, विमल जैन, विकास पाटनी, पंडित मुकेश शास्त्री सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा।
समाजसेवियों और तीर्थ कमेटी को दी बधाई
इस ऐतिहासिक कार्य पर इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, हंसमुख गांधी, टी.के. वेद, मयंक जैन, श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, मुक्ता जैन आदि ने तीर्थ कमेटी को बधाई दी और इसे धर्म, आस्था और संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक बताया। यह आयोजन न केवल एक स्थापत्य उपलब्धि है, बल्कि जैन धर्म की पवित्र शिक्षाओं को जनमानस तक पहुँचाने का एक प्रेरक प्रयास भी है। भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा स्टेशन परिसर में न केवल यात्रियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, बल्कि यह तीर्थ क्षेत्र के गौरव और भक्ति का प्रतीक भी रहेगी।













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