मोतीकटरा स्थित तार की गली के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर में सर्वान्गभूषण आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान ऋषभदेव की अति प्राचीन अष्टधातु प्रतिमा व शांतिनाथ भगवान के पाषाण के जिनबिम्बों को अपनी-अपनी वेदी पर कमलासन पर विराजमान किया गया। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…
आगरा। मोतीकटरा स्थित तार की गली के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर में सर्वान्गभूषण आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान ऋषभदेव की अति प्राचीन अष्टधातु प्रतिमा व शांतिनाथ भगवान के पाषाण के जिनबिम्बों को अपनी-अपनी वेदी पर कमलासन पर विराजमान किया गया। दोनों वेदियों पर विराजित अष्ट धातु की छोटी-छोटी प्राचीन प्रतिमाओं को एक साथ व्यवस्थित कर रजत सिंहासन पर विराजित किया गया।

ये कार्य करने का सौभाग्य हीरालाल जैन बड़जात्या परिवार व पंकज जैन भूंच परिवार को मिला। इस अवसर पर श्री भक्तामर महामडल विधान का भव्य आयोजन हुआ। जिसमें भक्तों ने विधानाचार्य शुभम भैया के कुशल निर्देशन में मांडले पर मुख्य कलश ममता जैन बाकलीवाल ने व चार कलश क्रमश: प्रभा प्रीति जैन बड़जात्या, संगीता जैन बाकलीवाल, प्रिया जैन भूंच व शैफाली जैन को मिला। इससे पूर्व मुख्य शांतिधारा मिलिन्द जैन व अन्य कलशों से पवन जैन संजीव जैन व पंकज जैन को करने का सौभाग्य मिला। इसके बाद भक्तों ने मंत्रोच्चारण के साथ श्रीजी के समक्ष 48 दीपक एवं अर्घ्य समर्पित कर श्री भक्तामर महामंडल विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं।

दान देने का दिया उपदेश
इस अवसर पर सर्वान्गभूषण आचार्य श्री चैत्यसागर जी ने भक्तों को अक्षय तृतीया का महत्व बताते हुये इस दिवस आहार दान समेत अन्य दान देने का उपदेश दिया। विधान में संगीत एव स्वर शशि पाटनी व संस्कृति जैन ने दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया। विधान के समापन तार की गली मंदिर समिति की तरफ से सभी भक्तों के लिए गन्ने के रस का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में पवन जैन, संजीव जैन, पंकज जैन, शुभम जैन, पन्नालाल जैन, हुकुम जैन, डब्बू जैन, गोलू जैन, शशि सेठी, कोकिला जैन, अरुणा जैन एवं समस्त मोती कटरा सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।













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