दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र टिकटोली दूमदार जौरा में वार्षिक मेला एवं महामस्तकाभिषेक का आयोजन 29 दिसंबर को होने जा रहा है। जिसकी तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दीं गईं हैं। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र टिकटोली दूमदार जौरा में वार्षिक मेला एवं महामस्तकाभिषेक का आयोजन 29 दिसंबर को होने जा रहा है। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन त्रिमूर्ति परमोदय अतिशय तीर्थ टिकटोली दूमदार के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी मुरैना एवं महामंत्री ओमप्रकाश जैन जौरा ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी टिकटोली में जैन वार्षिक मेला एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन प्रति वर्ष पौष शुक्ल दशमी को सोमवार 29 दिसंबर को विभिन्न धार्मिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दीं गईं हैं।
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र टिकटोली एक नजर में
जिला मुख्यालय मुरैना से लगभग 47 किलोमीटर एवं जौरा से लगभग 27 किमी की दूरी पर शांतिप्रिय सुरभ्य वातावरण में अति प्राचीन विशाल एवं भव्य जैन मंदिर स्थापित है। प्राचीन शिलालेखों एवं ग्रंथों के अनुसार यह जैन तीर्थ लगभग 1 हजार वर्ष पुराना प्रतीत होता है। इस जैन मंदिर में जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ जी की मनमोहक खड़गासन प्रतिमा के आजू-बाजू में भगवान कुंथनाथ और अरहनाथ भगवान विराजमान हैं। साथ ही एक अन्य शिला पर अन्य जैन तीर्थंकरों की अति प्राचीन प्रतिमाएं एवं मानस्तंभ बना हुआ है। यह जैन मंदिर एक विशाल पहाड़ी की तलहटी में बना हुआ है। जैन मंदिर के बाजू में विशाल एवं भव्य प्राकृतिक झरना है। यह बरसात के समय लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। मंदिर के नजदीक ही चमत्कारिक कुंड भी बना हुआ है। इस कुंड में वर्ष भर पानी बना रहता है और कभी सूखता ही नहीं हैं।
मुनिश्री अजितसागर का हुआ प्रथम चातुर्मास
अतिशय क्षेत्र टिकटोली के आसपास न कोई बस्ती है, न ही कोई जैन परिवार रहता है। सुनसान पहाड़ी इलाके में वर्ष 2022 में संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री अजीत सागर जी महाराज का प्रथमवार चातुर्मास हुआ था। पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से भव्य नवीन जिनालय का निर्माण कार्य चल रहा है। वर्तमान में तलहटी से 26 फीट की ऊंचाई लेकर 115 फीट लंबा और 74 फीट चौड़ा पाषाण शिलाओं से फाउंडेशन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जिस पर बंशी पहाड़ के लाल पत्थर से 84 गुणा 60 फीट का तीन शिखर का भव्य जिनालय का निर्माण होना प्रस्तावित है। इसके साथ ही क्षेत्र पर अनेकों निर्माण पूर्णता की ओर हैं।
सोमवार 29 दिसंबर को होंगे विभिन्न आयोजन
वार्षिक मेला एवं महामस्तकाभिषेक के पावन अवसर पर प्रातः श्री जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक, शांतिधारा, नित्यमह पूजन, श्री शांतिनाथ विधान होगा। दोपहर 12 बजे श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। तत्पश्चात मूलनायक भगवान शांतिनाथ, कुंथनाथ, अरहनाथ भगवान का स्वर्ण कलशों से महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। इस अवसर समाज की प्रतिभाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन होंगे।
स्वयंसेवी संगठन देगें अपनी सेवाएं
इस भव्य आयोजन में सहयोगी संस्थाओं के रूप में अतिशय मित्र मंडल जौरा, जैन मित्र मंडल मुरैना, जैन नवयुवक मंडल मुरार, यंग दिगम्बर जैन फाउंडेशन मुरैना, जिनेन्द्र सेवा समूह मुरैना अपनी सेवा प्रदान करेंगे। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए मुरेना, जौरा, अम्बाह, ग्वालियर सहित अनेकों स्थान पर बसों की व्यवस्था रखी गई है। पधारे हुए सभी बंधुओं के आवास एवम भोजनादि की समुचित व्यवस्था क्षेत्र कमेटी की ओर से की गई है।













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