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भक्तामर शिविर में आचार्य श्री द्वारा मिल रही श्रावकों को सीख : प्रभु की भक्ति में लीन होने में ही जीवन की सुखानुभूति – विनम्र सागर


पार्श्व दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा दूसरों को नीचा दिखाना ही अभिमान है। दूसरों का अपमान है। अच्छा कार्य करके अन्तरंग में खुशी होने से अच्छा दूसरा कोई श्रेष्ठ कार्य नहीं। श्रेष्ठ कार्य करने पर कोई इच्छा नहीं करना ही श्रेयस्कर है। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


ललितपुर। पार्श्व दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा दूसरों को नीचा दिखाना ही अभिमान है। दूसरों का अपमान है। अच्छा कार्य करके अन्तरंग में खुशी होने से अच्छा दूसरा कोई श्रेष्ठ कार्य नहीं। श्रेष्ठ कार्य करने पर कोई इच्छा नहीं करना ही श्रेयस्कर है। आचार्य श्री ने जीवन की हर विपदा कष्ट को दूर करने का सही माध्यम प्रभु भक्ति बताया और कहा जितने प्रभु की भक्तिमें लीन रहोगे सुखानुभूति एवं आनंद की प्राप्ति होगी और जीवन सुधरेगा।

आचार्य श्री ने भक्तामर की महिमा बताते हुए कहा ईश्वर की भक्ति और संतों की सेवा में ही उनका वर्तमान एवं भविष्य उज्जवल बनता है। आचार्य श्री ने भक्ताम्मर स्त्रोत की महिमा बताते हुए उपस्थित श्रावकों को भक्तामर स्त्रोत के सही उच्चारण हेतु सीख दी। आज प्रातःकाल बुद्धि, सिद्धि, समृद्धि प्रदायक सर्वविग्न विनाशक महामृत्युंजयी भक्तामर शिविर में आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में भगवान के अभिषेक शान्तिधारा विधान पुण्र्याजक विजय जैन लागौन कोषाध्यक्ष सतोदय तीर्थ सेरोन परिवार ने कर आचार्य श्री के पादप्रक्षालन किया।

संगीतमय पूजन में उपस्थित श्रावकों ने भक्तिपूर्वक अर्घ समर्पित किए। प्रारम्भ में गणाचार्य विरागसागर महाराजके चित्र के सम्मुख दीपप्रज्जवलन के उपरान्त मगलाचरण स्वदेश दीदी ने भक्ति पूर्वक किया। सायंकाल भक्तामर शिविर की महाआरती विधान पुण्र्याजक परिवार द्वारा प्रभुचरणों में 48 दीपों द्वारा सर्वसिद्धि मंत्रों के साथ भक्तिपूर्वक आरती हुई। कार्यक्रम का संचालन धार्मिक आयोजन समिति के संयोजक मनोज जैन बबीना द्वारा किया गया।

इस मौके पर जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, मंदिर प्रबंधक कपूरचंद लागौन, आनंद जैन अमित गारमेंट, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, संजीव जैन ममता स्पोर्ट, संजय मोदी, अखिलेश गदयाना, सुरेश बडैरा, महेन्द्र जैन पंचमनगर, नरेश मुक्ता अंकुर जैन शानू, प्रदीप जैन आदिनाथ, अनंत सर्राफ, चंचल पहलवान, चंदन सिंघई आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।

नगर के बाहुबली नगर जैन मंदिर में मुनि श्री विदम्बर सागर महाराज एवं मुनि श्री प्रवर सागर महाराज के चातुर्मास में अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है शान्तिधारा के उपरान्त धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री ने जीवन में कर्मो की प्रधानता बताई और कहा जीवन को कर्मो के माध्यम से ही व्यक्ति सुधार सकता है।

सायंकाल मंगलयात्रा में श्रावक अपनी जिज्ञासाओं को मुनि श्री के सम्मुख रखकर अपनी शंकाओं का निदान पा रहे हैं। चातुर्मास की व्यवस्थाओं में मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद सौरया निर्मल जैन खिरिया के अतिरिक्त संजय रसिया, अभिषेक ककडारी, अमित जैन बंधा, संजीव जैन सौरया, सुनील रसिया, आनंद जैन खिरिया, सागर जैन कुम्हैण्डी, स्वरूप चंद जैन, अखिलेश जैन का योगदान मिल रहा है।

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