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शास्त्री परिषद को मिला आचार्य विशुद्ध सागरजी का आशीर्वाद : अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद् की कार्यकारिणी बैठक संपन्न 


श्रीमद् जिनेंद्र पंच कल्याणक एवं शांतिनाथ जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद् की कार्यकारिणी बैठक आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में की गई। सागर (सिरोंज) से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


सागर (सिरोंज)। श्रीमद् जिनेंद्र पंच कल्याणक एवं शांतिनाथ जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद् की कार्यकारिणी बैठक आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में की गई। यह महोत्सव सागर के श्रेष्ठ समाज गौरव श्रीमंत सेठ पाणाशाह संतोषकुमार जैन घड़ी परिवार द्वारा बीटीआईआरटी, जिसमें इंजीनियरिंग, फार्मेसी, नर्सिंग, बीएड आदि की शिक्षा दी जाती है, के प्रांगण में श्री शांतिनाथ जिनालय का निर्माण किया गया है। इस आयोजन को विशेष गौरव प्राप्त हुआ है। जिसमें किसी प्रकार की बोली या पात्रों से राशि का संयोजन नहीं किया गया है। दान में आई हुई समस्त राशि सिद्ध क्षेत्र द्रोण गिरि में व्रती आश्रम में निर्मित सहस्रर कूट चैत्यालय को प्रदत्त की जाएगी। डॉ. श्रेयांशकुमार बड़ौत की अध्यक्षता एवं ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन में हुई कार्यकारिणी बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

युवा पीढ़ी को दिग्दर्शन कराने वाला साहित्य प्रकाशित हो 

आचार्य श्री ने शास्त्री परिषद् के विद्वानों को आशीर्वाद देते हुए प्रवचन सभा में कहा वर्तमान में जैनत्व के संस्कारों पर कुठाराघात किया जा रहा है। युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका अनिवार्य है। आचार्य श्री ने कहा शास्त्री परिषद् के विद्वानों ने श्रुत संरक्षण के साथ संस्कृति संरक्षण में सक्रिय योगदान दिया है। वर्तमान में युवा पीढ़ी को दिग्दर्शन कराने वाला विशेष साहित्य प्रकाशित किया जाना चाहिए। जिससे उनको जनता का सम्यक् दिशा बोध कराया जा सके। इस महोत्सव के प्रणेता संतोष कुमार जैन घड़ी का अभिनंदन प्रशस्ति, शाल, श्रीफल, पगड़ी एवं ’श्रावक शिरोमणि’ के विरद् से अलंकृत कर किया गया। सफल आयोजन के लिए सभी ने संतोष घड़ी परिवार को शुभकामनाएं प्रेषित की।

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