शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आचार्य विद्यासागर जी, आचार्य समयसागर जी व आर्यिका ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर महरौनी में रक्तदान शिविर एवं खीर वितरण का आयोजन हुआ। श्रद्धा, सेवा और संवेदना से ओतप्रोत इस आयोजन में 60 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आध्यात्म जगत के सूर्य आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समय सागर जी महाराज तथा आर्यिका रत्न ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर नगर का वातावरण धार्मिक भावनाओं और सेवा-संवेदना से सराबोर रहा। इस अवसर पर दिगम्बर जैन पंचायत महरौनी द्वारा गांधी चौक बाजार में रक्तदान शिविर एवं खीर वितरण समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन जैन युवा संघ महरौनी एवं ईशानिका फाउंडेशन टीकमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में मुनिश्री गुरूदत्त सागर जी महाराज और मुनिश्री मेघदत्त सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी रजनीश कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दुष्यंत बडौनिया, कोतवाली प्रभारी राजा दिनेश सिंह एवं सेंट्रल बैंक के प्रबंधक निहाल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंगलाचरण अंकी चौधरी ने किया।
मुख्य अतिथियों का स्वागत दिगम्बर जैन पंचायत एवं जैन युवा संघ ने माल्यार्पण और शाल भेंट कर किया। इस मौके पर 60 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर समाजसेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। उपजिलाधिकारी रजनीश कुमार ने कहा कि “रक्तदान सबसे बड़ा दान है, इससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। समाज को ऐसे मानवीय प्रयासों से सदैव जुड़ना चाहिए।” कोतवाली प्रभारी राजा दिनेश सिंह एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दुष्यंत बडौनिया ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से सहयोग और संवेदना की भावना को बल मिलता है।
गांधी चौक समर्पण और संस्कार की मिसाल
इस अवसर पर डॉ. विकास जैन (ब्लड बैंक प्रभारी), डॉ. अजय चौरसिया (ब्लड बैंक टीकमगढ़), अतुल जैन, राजेन्द्र, प्रदीप, प्रियंक बैध, दीपक मिश्रा, आदर्श जैन, आशीष जैन एडवोकेट, अखिलेश जैन एवं सौरभ पालीका को सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किए गए। कार्यक्रम के अंत में खीर वितरण के साथ पुण्य-संचयन का भावमय वातावरण बना।
शरद की चाँदनी में जब सेवा, श्रद्धा और आध्यात्म का संगम हुआ, तब महरौनी का गांधी चौक सचमुच समर्पण और संस्कार की मिसाल बन गया। मंच संचालन नितिन शास्त्री ने किया।













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