भगवान ऋषभदेव आदि पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के 92 वीं जन्मजयंती के शुभ अवसर पर शरद पूर्णिमा रत्नत्रय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। अयोध्या से पढ़िए, यह खबर…
अयोध्या। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी ससंघ सानिध्य में भगवान ऋषभदेव आदि पांच तीर्थंकरों की जन्म भूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनी प्रमुख माताजी का 92वें जन्मदिन और 74वें संयम दिवस के पुनीत अवसर पर शरद पूर्णिमा रत्नत्रय महोत्सव रविवार को प्रातः 6 बजे से बडी मूर्ति भगवान ऋषभदेव 31 फुट उतंग प्रतिमा जी के अभिषेक और शांतिधारा के साथ शुभारंभ हुआ। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने बताया कि प्रमुख शांतिधारा हंसमुख गांधी द्वारा की गयी। सभी मांगलिक क्रियाएं पीठाधीश स्वस्ति श्री रविंद्र कीर्ति स्वामी जी के निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन द्वारा करायी गयी। प्रातः 9 बजे से आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज आचार्य पदारोहण शताब्दी वर्ष के समापन के उपलक्ष्य में शांतिसागर विधान एवं मुनि श्री वीरसागर एवं मुनि श्री नेमिसागर मुनिदीक्षा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूजन एवं 2बजे आचार्य शांतिसागर जी महाराज पर संगोष्ठी की गयी।
जिसमें मंगलाचरण आर्यिका स्वर्ण मती माताजी ने किया। दीप प्रज्जवलन उत्तर प्रदेश के यशस्वी खाद्य मंत्री सतीश कुमार शर्मा ने किया। मंत्री का स्वागत आयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मंत्री डॉ. जीवनप्रकाश व विजय कुमार जैन आदि पदाधिकारियों ने किया। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञान मती माताजी, प्रज्ञा श्रमणी चन्दनामती माताजी, पीठाधीश स्वस्ति श्री रविंद्र कुमार जैन, डॉ. अनुपम जैन इन्दौर, प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन ने आचार्य श्री के जीवन, कृतित्व व्यक्तित्व पर सारगर्भित प्रकाश डाला और कहा कि आज दिगम्बर जैन संत परम्परा आचार्य श्री के कारण जीवंत है। रात्रि 7 बजे महाआरती एवं आचार्य श्री शांतिसागर फिल्म प्रदर्शन हुई। डॉ. जीवनप्रकाश जैन ने बताया कि सोमवार मध्यान्ह 2 बजे से भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का राष्ट्रीय नैमित्तिक अधिवेशन रात्रि 7 बजे आरती एवं सांस्कृतिक संध्याआदि कार्यक्रम होंगे। संचालन विजेंद्र कुमार जैन दिल्ली ने किया।













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