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स्मृति नगर में हुई भव्य अगवानी : 72 समवशरण विधान के पात्रों का हुआ चयन


स्मृति नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अंनत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागरजी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में एवं ब्रह्मचारी अविनाश भैया भोपाल त्न एवं पंडित पारस शास्त्री के निर्देशन में 18 मार्च को 72 समवशरण विधान के पात्रों का चयन हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट… 


इंदौर। स्मृति नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अंनत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागरजी, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में एवं ब्रह्मचारी अविनाश भैया भोपाल त्न एवं पंडित पारस शास्त्री के निर्देशन में 18 मार्च को 72 समवशरण विधान के पात्रों का चयन हुआ। इसमें सौधर्मेंद्र बनने का सौभाग्य संजय‌ कासलीवाल परिवार को, भरत चक्रवर्ती बनने का सौभाग्य अशोक कुमार आलोक सोधिया परिवार को, कुबेर बनने का सचिन कोल परिवार को, महायज्ञ नायक बनने का नीरज विद्यासागर परिवार को, बाहुबली बनने का भूपेंद्र शाह परिवार को, ईशान इंद्र बनने का राजीव सिंघई परिवार को, सानत कुमार इंद्र बनने का सौभाग्य वैभव सराफ परिवार को प्राप्त हुआ।

मुनि श्री का पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी 

इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि स्मृति नगर के लोग स्वार्थी नहीं, परमार्थी हैं। इनको जब मिलेगा छप्पर फाड़ के मिलेगा। इन्होंने ऐसा माहौल बनाया है। अवसर दबे पांव आते हैं, पंख लगाकर उड़ जाते हैं। दान देने वाला सर्वश्रेष्ठ सुखों को प्राप्त करता है। पाषाण का मंदिर हजार वर्षों तक के लिए बनता है, प्रभु के लिए जो देता है उसका खजाना खाली नहीं होता।

पहली बार ऐसा विधान

19 से 26 मार्च तक स्मृति नगर में इंदौर में प्रथम बार 72 समवशरण विधान होगा, जिसमें 19 मार्च को प्रातः 8 बजे घट यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 20 मार्च को ध्वजारोहण के साथ विधान प्रारंभ होगा, जो 24 मार्च तक चलेगा। वहीं 25 मार्च को विश्व शांति महायज्ञ होगा एवं प्रभु की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। 26 मार्च को मूलनायक पारसनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक होगा।

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