अमरकंटक की पावन धरा पर 25 मार्च से 2 अप्रैल तक आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में विश्व की सबसे अधिक वजनी 24 हजार किलो की अष्टधातु की जिनप्रतिमा 18 हजार किलो के कमलासन पर विराजित होगी। इस मौके पर यहां श्रद्धालुओं के लिए उत्तम व्यवस्था की गई है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। मां नर्मदा के उद्गम स्थान अमरकंटक की पावन धरा पर 25 मार्च से 2 अप्रैल तक आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में विश्व की सबसे अधिक वजनी 24 हजार किलो की अष्टधातु की जिनप्रतिमा 18 हजार किलो के कमलासन पर विराजित होगी। इसके साथ ही एक अद्वितीय जिनालय व सहस्त्रकूट का निर्माण किया गया है, जिनके लिए 1008 से अधिक प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा संम्पन्न होगी। पुण्योदय विद्यासंघ की टीम को विनोद, बिलासपुर व अलकेश कोयला वालों) ने बताया कि किस प्रकार से इस महापंचकल्याणक के लिए लाखों श्रद्धालुओं की आवास, भोजन व अन्य व्यवस्था की जा रही है।
आवास व्यवस्था
600 कॉटेज अटैच लेटबाथ सहित, शहर के सभी होटल व आश्रमों में 300 से अधिक कमरे, 20 बड़ी डोरमेट्री का निर्माण, सामान्य विश्राम पंडाल का निर्माण किया गया है। सभी व्यवस्थाएं वाटरप्रूफ हैं।
भोजन व्यवस्था
स्वादिष्ट व्यंजन को बना रही है वह टीम, जिसने देश के सबसे बड़े पंचकल्याणकों में अपनी सेवाएं दी हैं। 750 से अधिक कैटर्स की टीम स्वादिष्ट भोजन की सेवाएं दे रही है। वीआईपी भोजनशाला, इंद्र-इंद्राणी भोजनशाला, सामान्य भोजनशाला, स्टाफ भोजनशाला के लिए अलग–अलग स्थान बनाए गए हैं।
मुख्य पंडाल व्यवस्था
150 x 350 फीट के विशाल वाटरप्रूफ पंडाल का निर्माण किया गया है, जो बेहतरीन लाइटिंग, साउंड व्यवस्था, एलईडी वॉल से सुसज्जित है। सम्पूर्ण परिसर में जनरेटर की व्यवस्था 24 घण्टे उपलब्ध है।
विशाल पार्किंग व्यवस्था
5000 से अधिक चार पहिया वाहन के लिए विशाल पार्किंग का निर्माण किया गया है। पार्किंग मुख्य पंडाल के निकट है।
पेय व सामान्य जल व्यवस्था
पीने के पानी हेतु शुद्ध जल व्यवस्था उपलब्ध है, छने पानी के अलावा लागत मूल्य पर मिनरल वाटर बोतल भी उपलब्ध रहेंगी। स्वच्छता का ध्यान रखते हुए कमेटी ने निर्णय लिया है कि कुछ खाली बोतल लौटने पर एक पानी की बोतल निशुल्क दी जाएगी। सामान्य जल हेतु वाटर ओवरहैड टैंक का निर्माण किया गया है व 40 से अधिक टैंकर सम्पूर्ण आयोजन में जलसेवा दे रहे हैं।
यातायात व्यवस्था
पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन आने जाने के लिए कमेटी द्वारा 4 व्हीलर की व्यवस्था सशुल्क उपलब्ध है। सर्वोदय तीर्थ से पंडाल की दूरी मात्र 500 मीटर है, जिसे पैदल मात्र 5 मिनिट में पहुंचा जा सकता है। तीर्थ के ठीक पीछे ही मुख्य पंडाल का निर्माण हुआ है। पंडाल से मन्दिर आने जाने हेतु कमेटी द्वारा निःशुल्क ऑटो की व्यवस्था उपलब्ध है।













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